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जैन संत विमद सागर की मौत बनी रहस्य: पढ़ रहे थे ‘मौत का मुहूर्त नहीं होता’, लिखा- ‘मैं पाप में जिया’

जैन संत आचार्य विमद सागर अपने आखिरी पलों में मौत से पहले 'मौत का मुहूर्त नहीं होता' किताब पढ़ रहे थे. पुलिस ने उनके कमरे की तलाशी ली तो उनकी लिखी कई किताबें मिलीं. ये सारी किताबें मौत की अलग-अलग व्याख्या करती हैं. परिजनों को आशंका है कि उनकी मौत एक साजिश है. क्योंकि उनका एक हाथ टूटा है.

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